कोरबा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में खाद्यान्न परिवहन व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले अधिकृत परिवहनकर्ताओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। अब समय-सीमा में उचित मूल्य दुकानों तक खाद्यान्न नहीं पहुंचाने वाले ट्रांसपोर्टरों से पहले नियमानुसार पेनाल्टी वसूली जाएगी, इसके बाद ही उनके बिलों का भुगतान किया जाएगा।
इस संबंध में कलेक्टर (खाद्य शाखा) कार्यालय से अपर कलेक्टर द्वारा 27 जुलाई 2026 को आदेश जारी किया गया है।
जनदर्शन में शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई लोक जनशक्ति पार्टी (रा.) के जिलाध्यक्ष राजकुमार दुबे द्वारा जनदर्शन में की गई शिकायत के बाद की गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकृत परिवहनकर्ता निर्धारित समय पर उचित मूल्य दुकानों तक खाद्यान्न नहीं पहुंचा रहे हैं। इसके कारण शासन के निर्देशानुसार हर महीने 7 तारीख को आयोजित होने वाला “चावल उत्सव” प्रभावित हो रहा है और हितग्राहियों को समय पर राशन नहीं मिल पा रहा है।
समय पर राशन नहीं पहुंचाने पर लगेगी पेनाल्टी
जारी आदेश में जिला प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम को निर्देश दिए गए हैं कि खाद्यान्न परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए। इसके लिए जरूरत के अनुसार अधिक वाहन और हमालों की व्यवस्था करने को कहा गया है, ताकि निर्धारित समय के भीतर सभी उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न का भंडारण सुनिश्चित हो सके।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन परिवहनकर्ताओं द्वारा तय समय सीमा में खाद्यान्न का भंडारण नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बिल भुगतान से पहले जमा करनी होगी पेनाल्टी
प्रशासन ने निर्देश दिया है कि लापरवाह परिवहनकर्ताओं से पेनाल्टी राशि जमा कराने के बाद ही उनके लंबित बिलों का भुगतान किया जाए। साथ ही पेनाल्टी वसूली का प्रमाण जिला खाद्य कार्यालय में जमा कराना अनिवार्य होगा।
सूत्रों के अनुसार, ऐसे परिवहनकर्ताओं पर 15 रुपये प्रति क्विंटल की पेनाल्टी निर्धारित की गई है।
लापरवाही जारी रही तो होगी बड़ी कार्रवाई
आदेश में चेतावनी दी गई है कि यदि इसके बाद भी परिवहन व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और लापरवाही जारी रही तो संबंधित परिवहनकर्ताओं के साथ-साथ नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
इस आदेश की प्रतिलिपि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन और शिकायतकर्ता को भी भेजी गई है।
प्रशासन के इस कदम से अब PDS व्यवस्था में सुधार और हितग्राहियों को समय पर राशन उपलब्ध कराने की उम्मीद जताई जा रही है।

