कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक चिंताजनक घटना सामने आई है। रजगामार चौकी क्षेत्र के केराकछार गांव में एक नवविवाहित दंपती ने कथित तौर पर मामूली घरेलू विवाद के बाद जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। घटना के बाद परिजनों ने दोनों को तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर उपचार मिलने से दोनों की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
रथयात्रा में शामिल होने को लेकर हुआ विवाद
पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 23 वर्षीय अकील सिंह और उनकी 21 वर्षीय पत्नी किरण सिंह के बीच रथयात्रा कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर कहासुनी हुई थी। बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने के बाद दोनों ने आवेश में आकर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया।
24 July 2026 Horoscope : सिंह राशि के जातकों को आज सेहत को लेकर हो सकती परेशानी
घटना के समय घर में मौजूद परिजनों को जब दोनों की तबीयत बिगड़ती नजर आई, तो उन्होंने बिना देर किए उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
समय पर इलाज मिलने से बची जान
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों ने दोनों का तत्काल उपचार शुरू किया। चिकित्सकों के मुताबिक, समय रहते अस्पताल पहुंच जाने के कारण उनकी स्थिति में तेजी से सुधार हुआ है और फिलहाल दोनों खतरे से बाहर हैं। डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं और आवश्यक चिकित्सा उपलब्ध कराई जा रही है।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, दोनों की स्थिति स्थिर है और स्वास्थ्य में सुधार देखा जा रहा है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने पर रजगामार चौकी पुलिस अस्पताल पहुंची और दोनों के परिजनों से पूछताछ की। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि दोनों के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे, जिससे घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
परिजनों में मचा हड़कंप
घटना के बाद परिवार और गांव में चिंता का माहौल है। परिजनों ने बताया कि विवाद सामान्य था और किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि बात इतनी आगे बढ़ जाएगी। परिवार के सदस्य दोनों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटी-छोटी बातों को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि गुस्से या भावनात्मक तनाव के क्षणों में लिया गया कोई भी बड़ा फैसला गंभीर परिणाम ला सकता है। परिवार के सदस्यों के बीच संवाद बनाए रखना और विवाद होने पर शांतिपूर्वक समाधान निकालने की कोशिश करना बेहद जरूरी है।
यदि किसी व्यक्ति को लगातार मानसिक तनाव, निराशा या भावनात्मक संकट महसूस हो रहा हो, तो परिवार, मित्रों या किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मदद लेना महत्वपूर्ण है।

