Vaibhav Suryavanshi News : इंग्लैंड दौरे पर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को पांचवें टी20 मुकाबले से बाहर किए जाने के फैसले पर भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर सवालों के घेरे में आ गए हैं। भारत के पूर्व कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत (के. श्रीकांत) ने गंभीर की टीम चयन रणनीति की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “बेवकूफी भरा फैसला” बताया है। उनका कहना है कि लगातार तीन मैचों में मौका देने के बाद अचानक टीम से बाहर करना युवा खिलाड़ी के आत्मविश्वास को नुकसान पहुंचा सकता है।
तीन मैचों में नहीं चला बल्ला, फिर टीम से हुए बाहर
इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में वैभव सूर्यवंशी को शुरुआती तीन मुकाबलों में खेलने का मौका मिला। हालांकि वह इन मैचों में क्रमशः 14, 13 और 15 रन ही बना सके। इसके बाद टीम प्रबंधन ने पांचवें टी20 मुकाबले की प्लेइंग इलेवन से उन्हें बाहर कर दिया।
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इस फैसले के बाद क्रिकेट जगत में बहस शुरू हो गई है कि क्या किसी युवा खिलाड़ी को खुद को साबित करने के लिए अधिक मौके मिलने चाहिए थे।
श्रीकांत ने गंभीर की रणनीति पर उठाए सवाल
अपने यूट्यूब चैनल पर पूर्व भारतीय कप्तान के. श्रीकांत ने गौतम गंभीर के फैसले पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा,
“वैभव के पास शानदार शॉट्स की रेंज है। उन्होंने एक भी क्रॉस-बैट शॉट नहीं खेला, फिर भी उनका खेल शानदार नजर आया। यह लड़का वाकई खास है। लगातार तीन मैचों में असफल रहने के बाद गौतम गंभीर ने उन्हें बाहर कर बेवकूफी की। इससे उनके आत्मविश्वास पर असर पड़ सकता है।”
श्रीकांत का मानना है कि युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को स्थापित करने के लिए लगातार मौके दिए जाने चाहिए।
युवा खिलाड़ियों के साथ धैर्य जरूरी
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शुरुआती दौर में युवा खिलाड़ियों पर काफी दबाव होता है। ऐसे में टीम प्रबंधन का धैर्य रखना और उन्हें पर्याप्त अवसर देना उनके भविष्य के लिए अहम साबित हो सकता है।
वैभव सूर्यवंशी को प्रतिभाशाली बल्लेबाज माना जाता है और उनसे आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट को काफी उम्मीदें हैं।
गंभीर की चयन नीति पर बढ़ी चर्चा
गौतम गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद टीम चयन और प्लेइंग इलेवन में लगातार बदलाव देखने को मिले हैं। कई पूर्व क्रिकेटर इस रणनीति का समर्थन करते हैं, जबकि कुछ का मानना है कि बार-बार बदलाव से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता है।
वैभव सूर्यवंशी को बाहर किए जाने के बाद यह बहस एक बार फिर तेज हो गई है कि युवा खिलाड़ियों के साथ टीम प्रबंधन का रवैया कैसा होना चाहिए।

