कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब डॉक्टर के कंप्यूटर टेबल के नीचे एक जहरीला कोबरा सांप बैठा मिला। अस्पताल कर्मचारियों की नजर जैसे ही सांप पर पड़ी, उन्होंने तत्काल इसकी सूचना रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यूअर सोसाइटी (RCRS) को दी।
सूचना मिलते ही RCRS के अध्यक्ष अविनाश यादव अपनी रेस्क्यू टीम और जरूरी उपकरणों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल परिसर में मरीजों, डॉक्टरों और कर्मचारियों की मौजूदगी को देखते हुए टीम ने पूरी सतर्कता बरतते हुए कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया।
समय रहते टली बड़ी दुर्घटना
रेस्क्यू टीम के अनुसार, समय रहते सांप की जानकारी मिलने से एक बड़ा हादसा टल गया। यदि कोई व्यक्ति डर के कारण सांप को पकड़ने या मारने का प्रयास करता, तो जहरीले कोबरा के हमले से गंभीर दुर्घटना हो सकती थी।
सफल रेस्क्यू के बाद कोबरा को सुरक्षित तरीके से उसके प्राकृतिक वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। इससे जहां अस्पताल में मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, वहीं वन्यजीव की जान भी बचाई गई।
बारिश के मौसम में बढ़ जाती है सांपों की आवाजाही
RCRS अध्यक्ष अविनाश यादव ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप अक्सर सुरक्षित और ठंडी जगहों की तलाश में घरों, कार्यालयों, अस्पतालों और अन्य भवनों में पहुंच जाते हैं। ऐसे समय में लोगों को घबराने के बजाय सावधानी बरतनी चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील की कि सांप दिखाई देने पर उससे दूरी बनाए रखें और खुद पकड़ने या मारने की कोशिश न करें। तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें।
वन विभाग और RCRS ने की अपील
कोरबा वन विभाग और रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यूअर सोसाइटी ने लोगों से अपील की है कि घर, खेत, कार्यालय, अस्पताल या आसपास किसी भी वन्यजीव के मिलने पर उसके साथ छेड़छाड़ न करें।
प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ने का काम करती है। जागरूकता और सावधानी से ही इंसान और वन्यजीवों के बीच सुरक्षित संतुलन बनाए रखा जा सकता है।

