कुसमुंडा, कोरबा:सतत सामुदायिक पुनर्वास एवं स्थानीय सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL), कुसमुंडा क्षेत्र प्रबंधन द्वारा नव-नियुक्त भू-विस्थापितों एवं परियोजना प्रभावित व्यक्तियों (PAPs) के सम्मान में एक भव्य स्वागत एवं प्रेरणा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उन परिवारों को औपचारिक रूप से एसईसीएल कार्यबल का हिस्सा बनाना था, जिन्होंने देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु अपनी भूमि का योगदान दिया है
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कार्यक्रम के दौरान प्रबंधन ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि रिसदी, जटराज एवं खोडरी गांवों के 22 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों (PAPs) को कुसमुंडा क्षेत्र में स्थायी रोजगार हेतु नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। यह पहल विस्थापित परिवारों के समुचित पुनर्वास, आजीविका सृजन तथा निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के प्रति एसईसीएल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
कार्यक्रम में कुसमुंडा क्षेत्र के महाप्रबंधक श्री सचिन तानाजी पाटिलने नव-नियुक्त कर्मचारियों एवं उनके परिवारों का स्वागत करते हुए कहा कि एसईसीएल स्थानीय समुदायों के विकास, सम्मानजनक पुनर्वास तथा रोजगार सृजन के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने सभी नव-नियुक्त कर्मचारियों को संगठन के मूल्यों के अनुरूप कार्य करते हुए क्षेत्र एवं राष्ट्र के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर महाप्रबंधक (संचालन) श्री अरविंद कुमार रायने परियोजना प्रभावित परिवारों के सहयोग और विश्वास के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एसईसीएल की विकास परियोजनाओं में स्थानीय समुदायों की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा यह नियुक्तियां कंपनी की सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष उदाहरण हैं।
कार्यक्रम में प्रशासन की ओर से तहसीलदार, दीपका श्री अमित केरकेट्टा तथा तहसीलदार श्री लीलाधर ध्रुव भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं रोजगार प्रक्रिया में प्रशासन और एसईसीएल के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए नव-नियुक्त लाभार्थियों को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं
- स्थायी रोजगार का अवसर:
रिसदी, जटराज एवं खोडरी गांवों के 22 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को स्थायी सेवा हेतु नियुक्ति एवं स्वागत पत्र प्रदान किए गए। - वैकल्पिक आजीविका योजनाओं की जानकारी:
ऐसे प्रभावित व्यक्तियों के लिए, जो प्रत्यक्ष रोजगार के स्थान पर आउटसोर्सिंग अथवा स्वरोजगार को प्राथमिकता देना चाहते हैं, कौशल विकास एवं वैकल्पिक आजीविका के विभिन्न अवसरों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इसमें परियोजना में ड्राइवर, हेल्पर एवं सुपरवाइजर के रूप में कार्य, वाशिंग पंप उपकरण संचालन, सिलाई मशीन आधारित स्वरोजगार तथा अन्य स्थानीय रोजगार विकल्प शामिल थे।
क्षेत्र के महाप्रबंधक श्रीसचिन तानाजी पाटिलएवं वरिष्ठ मानव संसाधन अधिकारियों ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता, पुनर्वास कॉलोनियों के विकास तथा स्थानीय पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विषयों पर विस्तार से जानकारी दी.
कार्यक्रम में क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारीगण, भू राजस्व विभाग एवं मानव संसाधन विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में परियोजना प्रभावित परिवारों के सदस्य उपस्थित रहे। यह आयोजन एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र की उस प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित करता है, जिसके तहत विकास के साथ-साथ स्थानीय समुदायों के कल्याण, पुनर्वास एवं सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।

