नई दिल्ली। Donald Trump के निर्देश पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तेजी से बढ़ गया है। ओमान के तट के पास अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद हालात युद्ध जैसे बन गए हैं। इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान पर ताबड़तोड़ सैन्य हमले शुरू कर दिए हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ये कार्रवाई “ईरान की अनुचित आक्रामकता के खिलाफ उचित प्रतिक्रिया” है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस जवाबी कार्रवाई को “बहुत मजबूत और शक्तिशाली” करार दिया है।
जानकारी के अनुसार, New York Times की रिपोर्ट में बताया गया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास मंगलवार तड़के करीब 3:30 बजे अमेरिकी सेना का अपाचे हेलीकॉप्टर गिरा। घटना के बाद दोनों पायलटों की तलाश के लिए तुरंत एक मानवरहित ड्रोन भेजा गया और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, दोनों पायलट करीब दो घंटे तक समुद्र में रहे।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हाकिन्स ने बताया कि घटना की जांच जारी है। वहीं, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया कि हेलीकॉप्टर को ईरान ने मार गिराया है और इस हमले का करारा जवाब दिया जाएगा।
समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि अमेरिका अगले दो सप्ताह में इस टकराव में “पूर्ण जीत” हासिल कर सकता है। उन्होंने संकेत दिए कि तेहरान के साथ नया परमाणु समझौता भी संभव है और वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
एक चुनावी टेली-रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौते के लिए तैयार है और परमाणु हथियार न रखने पर भी सहमत हो सकता है। हालांकि, इस बीच दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है।

