CG NEWS : रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के एक महत्वपूर्ण फैसले ने प्रदेश के हजारों कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य सरकार द्वारा संचालित एक योजना को बंद किए जाने के निर्णय के बाद करीब 35 हजार कर्मचारियों के भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इस फैसले से प्रभावित कर्मचारियों और उनके परिवारों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, सरकार ने योजना की समीक्षा के बाद इसे बंद करने का निर्णय लिया है। इसके पीछे प्रशासनिक और वित्तीय कारण बताए जा रहे हैं। हालांकि, योजना से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि इससे उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा और बड़ी संख्या में लोग रोजगार संबंधी अनिश्चितता का सामना करेंगे।
योजना बंद होने की खबर सामने आते ही विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने नाराजगी जताई है। संगठनों का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखे बिना लिया गया यह फैसला हजारों परिवारों को प्रभावित करेगा। उन्होंने सरकार से वैकल्पिक व्यवस्था करने और कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की है।
कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से संबंधित योजना के तहत काम कर रहे हैं और कई क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं। योजना बंद होने के बाद उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है। कई कर्मचारियों ने सरकार से पुनर्विचार करने की अपील भी की है।
विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि रोजगार और जनहित से जुड़ी योजनाओं को बंद करने के बजाय उन्हें और मजबूत किया जाना चाहिए। वहीं सरकार का पक्ष है कि योजनाओं की प्रभावशीलता और वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रभावित कर्मचारियों के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच जल्द बैठक हो सकती है। इस दौरान कर्मचारियों की मांगों और उनके भविष्य को लेकर चर्चा होने की संभावना है। फिलहाल हजारों कर्मचारी सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।

