- मिशन मोड: बीजेपी 6 से 14 अप्रैल तक पूरे छत्तीसगढ़ में “गांव चलो अभियान” चलाएगी।
- बड़ी लाइन-अप: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, दोनों डिप्टी सीएम और सभी मंत्री-विधायक मैदान में उतरेंगे।
- बड़ा टारगेट: हर विधानसभा क्षेत्र के लगभग 50 गांवों में जनप्रतिनिधि सीधे ग्रामीणों से संवाद करेंगे।
Chhattisgarh Gaon Chalo Abhiyan 2026 , रायपुर — छत्तीसगढ़ की राजनीति अब सीधे ग्रामीण ‘पिच’ पर शिफ्ट होने जा रही है। बीजेपी ने अपनी चुनावी मशीनरी को गियर में डालते हुए 6 अप्रैल से ‘गांव चलो अभियान’ का बिगुल फूंक दिया है। यह सिर्फ एक दौरा नहीं, बल्कि जनता के बीच पैठ मजबूत करने का एक बड़ा ‘पावरप्ले’ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खुद इस टीम की कप्तानी करेंगे, जबकि डिप्टी सीएम अरुण साव और विजय शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ी अलग-अलग इलाकों में मोर्चा संभालेंगे।
मैदान पर रणनीति: चौपाल से होगा सीधा संवाद
पार्टी ने इस अभियान के लिए अपनी ‘फील्डिंग’ बहुत बारीकी से सजाई है। योजना का मुख्य फोकस सरकार की योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाना और ग्रामीणों की शिकायतों का मौके पर ही निपटारा करना है।
- टाइम-टेबल: अभियान 9 दिनों तक चलेगा, जिसमें वरिष्ठ नेता गांवों में रात भी गुजार सकते हैं।
- चयनित गांव: राज्य की हर विधानसभा से औसतन 50 गांवों को चुना गया है, जिससे पूरे प्रदेश के हजारों गांवों तक पहुंच सुनिश्चित होगी।
- एजेंडा: जनप्रतिनिधि चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे और सरकारी फाइलों की जमीनी हकीकत परखेंगे।
बीजेपी का यह कदम विरोधियों को बैकफुट पर धकेलने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। मुख्यमंत्री का फोकस खास तौर पर उन इलाकों पर है जहां विकास की गति को और तेज करने की जरूरत है।
“हमारी सरकार जनता के द्वार तक जाएगी। गांव के लोगों को अपनी परेशानी लेकर दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसलिए हमारे मंत्री और विधायक खुद उनके बीच पहुंचेंगे। यह संवाद का एक नया मॉडल होगा।”
— विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

