- डिमांड रिजेक्ट: हाईकोर्ट ने अमित जोगी की अतिरिक्त समय मांगने वाली याचिका को सिरे से खारिज कर दिया।
- डेडलाइन तय: चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि मामले में कल यानी 2 अप्रैल को अंतिम सुनवाई होगी।
- नो डिले पॉलिसी: कोर्ट ने साफ कर दिया है कि इस हाई-प्रोफाइल केस में अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Jaggi Murder Case , बिलासपुर — छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में आज बिलासपुर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया। सुनवाई के दौरान अमित जोगी की ओर से समय बढ़ाने की मांग की गई थी, जिसे कोर्ट ने ‘क्लीन बोल्ड’ कर दिया। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच (DB) ने साफ शब्दों में कहा कि अब मामले को खींचने का समय खत्म हो चुका है। कोर्ट ने इस हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाई के लिए कल का दिन ‘फाइनल मैच’ की तरह तय कर दिया है।
मैदान पर कानूनी घेराबंदी: चीफ जस्टिस की बेंच का कड़ा एक्शन
राम अवतार जग्गी मर्डर केस छत्तीसगढ़ की राजनीति और कानून का सबसे बड़ा ‘पिच’ रहा है। आज की कार्यवाही में बचाव पक्ष ने अपनी रणनीति के तहत और वक्त मांगा था, लेकिन बेंच ने उसे डिफेंसिव मोड पर डाल दिया।
- अतिरिक्त समय की मांग: अमित जोगी की टीम ने दलीलें पेश करने के लिए कुछ और दिनों की मोहलत चाही थी।
- बेंच का फैसला: हाईकोर्ट ने साफ किया कि यह मामला काफी पुराना है और अब इसे निर्णायक मोड़ पर पहुंचना जरूरी है।
- कल का शेड्यूल: गुरुवार को सुबह से ही इस मामले पर अंतिम बहस शुरू होगी, जिसे कोर्ट का अंतिम फैसला माना जा रहा है।
इस फैसले के बाद कानूनी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जग्गी हत्याकांड की फाइलें एक बार फिर बिलासपुर हाईकोर्ट की मेज पर पूरी ताकत के साथ खुलेंगी। पुलिस और अभियोजन पक्ष अपनी ‘फील्डिंग’ सजा चुके हैं।
“हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि मामले में अब कोई देरी नहीं होगी। समय मांगने की अर्जी खारिज कर दी गई है और कल इस केस की अंतिम सुनवाई की जाएगी। न्याय की प्रक्रिया को और लंबा नहीं खींचा जा सकता।”
— कानूनी सलाहकार, बिलासपुर हाईकोर्ट कार्यवाही

