- डेडलाइन: 1 अप्रैल से छत्तीसगढ़ के सभी 26 टोल प्लाजा पर कैश लेन-देन पूरी तरह बंद हो जाएगा।
- डिजिटल पुश: NHAI ने नेशनल हाईवे पर सिर्फ ऑनलाइन या FASTag से पेमेंट स्वीकार करने का फैसला लिया है।
- नेटवर्क: प्रदेश में नेशनल हाईवे के 3,620 किमी हिस्से पर यह नया सिस्टम लागू होगा।
CG Toll Plaza Rules 2026 , रायपुर — छत्तीसगढ़ के नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले ड्राइवरों के लिए 1 अप्रैल से ‘मैच’ की शर्तें बदलने वाली हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने नकद भुगतान को पूरी तरह से ‘रिटायर’ करने का फैसला किया है। अब टोल प्लाजा पर रुककर चिल्लर ढूंढने या कैश लेन में फंसने की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ फास्टैग या ऑनलाइन ट्रांजैक्शन ही मान्य होंगे। इस कदम से उन यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो अक्सर कैश लेन में घुसने के कारण दोगुना चार्ज यानी ‘पेनल्टी’ का शिकार हो जाते थे।
मैदान पर नई रणनीति: 3,620 किमी का सफर होगा हाई-टेक
प्रदेश के जिलों में फैले 26 टोल प्लाजा अब पूरी तरह डिजिटल मोड में खेलेंगे। NHAI का लक्ष्य वेटिंग टाइम को जीरो पर लाना और ट्रैफिक फ्लो को ‘सुपरफास्ट’ बनाना है।
- BOT सिस्टम का असर: 2008 के पहले बनी सड़कों पर बीओटी (Build-Operate-Transfer) सिस्टम लागू है, जहां टोल का हिस्सा सीधा निजी कंपनियों के पास जा रहा है।
- दोगुना चार्ज का अंत: अब तक फास्टैग न होने पर दोगुना पैसा देना पड़ता था, लेकिन अब कैश लेन ही खत्म होने से सिस्टम में पारदर्शिता आएगी।
- कवरेज: छत्तीसगढ़ में फैले 3,620 किलोमीटर के विशाल हाईवे नेटवर्क पर यह नियम सख्ती से लागू होगा।
पिकअप वाहन हो या निजी कार, अब सबको अपनी डिजिटल ‘फील्डिंग’ दुरुस्त रखनी होगी। बिना फास्टैग के हाईवे पर उतरना अब आपकी जेब पर भारी नहीं पड़ेगा, बल्कि आगे बढ़ना ही मुश्किल हो जाएगा क्योंकि बूथ पर कैश स्वीकार करने वाला कोई नहीं होगा।
“नेशनल हाईवे पर सफर को निर्बाध बनाने के लिए यह एक अनिवार्य कदम है। 1 अप्रैल से हम कैश लेन-देन को पूरी तरह बंद कर रहे हैं। यात्रियों से अपील है कि वे अपने फास्टैग को रिचार्ज रखें ताकि टोल बूथ पर कोई ‘डेड लॉक’ न बने।”
— क्षेत्रीय अधिकारी, NHAI छत्तीसगढ़

