यरूशलेम/तेहरान: मध्य पूर्व (West Asia) में जारी तनाव अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है। इज़राइल और ईरान के बीच छिड़ा युद्ध आज (26 मार्च 2026) अपने 27वें दिन में प्रवेश कर गया है। गुरुवार तड़के इज़राइली वायुसेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर इस्फहान (Isfahan) और उसके आसपास के सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए।
इस्फहान में भारी तबाही, सैन्य ठिकाने निशाने पर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुवार सुबह इस्फहान के आसमान में एक के बाद एक कई शक्तिशाली धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इज़राइली रक्षा बलों (IDF) ने पुष्टि की है कि उन्होंने इस्फहान में ईरान के ‘आतंकी शासन’ के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है।
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एयर बेस पर हमला: इस्फहान में स्थित ईरान का प्रमुख एयर बेस इज़राइली मिसाइलों का मुख्य निशाना रहा।
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पनडुब्बी विकास केंद्र: रिपोर्टों के मुताबिक, इज़राइल ने इस्फहान में ईरान के एकमात्र अंडरवाटर रिसर्च सेंटर (पनडुब्बी और मानवरहित जहाजों के विकास केंद्र) को भी तबाह कर दिया है।
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हथियार उत्पादन इकाइयां: राजधानी तेहरान और इस्फहान के आसपास मिसाइल और ड्रोन बनाने वाली फैक्ट्रियों पर भी रात भर हमले जारी रहे।
युद्ध का 27वां दिन: अब तक की स्थिति
28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ यह संघर्ष अब तक का सबसे भीषण रूप ले चुका है।
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तेल की कीमतों में उछाल: युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी अस्थिरता देखी जा रही है।
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जमीनी हमले की आहट: अमेरिकी पेंटागन द्वारा मिडिल ईस्ट में अपनी ’82nd एयरबोर्न डिवीजन’ के हजारों सैनिकों को तैनात करने की खबरें हैं, जिससे ईरान के खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर जमीनी हमले की आशंका बढ़ गई है।
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ईरान की जवाबी कार्रवाई: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी इज़राइल के तेल अवीव और हाइफ़ा जैसे शहरों पर मिसाइलें दागने का दावा किया है।

