- सीधी चेतावनी: छत्तीसगढ़ में अफीम की अवैध खेती करने वालों पर अब ‘हार्ड टैकल’ होगा; आरोपी कितना भी बड़ा हो, जेल जाना तय है।
- नक्सल मोर्चे पर जीत: नक्सलियों के आत्मसमर्पण और मुख्यधारा में लौटने की नीति पर सरकार का बड़ा फोकस।
- विदेशी नीति और सुरक्षा: राज्य की सीमाओं पर अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए कड़े निर्देश जारी।
CM Vishnu Deo Sai , रायपुर — छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नशीले पदार्थों के खिलाफ अपनी ‘प्लेबुक’ साफ कर दी है। राजधानी रायपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने अफीम की अवैध खेती पर जीरो टॉलरेंस का संदेश दिया। साय ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार किसी भी ऐसे अपराधी को ‘फ्री पास’ नहीं देगी, जो राज्य की जड़ों को खोखला कर रहा है। चाहे आरोपी बड़ा नेता हो या कोई रसूखदार व्यक्ति, कानून की पिच पर सबको बराबर सजा मिलेगी।
अफीम की खेती पर ‘येलो कार्ड’ नहीं, सीधा ‘एक्पल्शन’: सरकार का एक्शन प्लान
हाल के दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों में अफीम की खेती की खबरों ने खुफिया एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन को ‘आक्रामक मोड’ में रहने को कहा है।
- स्ट्रिक्ट मॉनिटरिंग: सैटेलाइट मैपिंग और ड्रोन सर्वे के जरिए संदिग्ध इलाकों की पहचान की जाएगी।
- नेताओं को संदेश: राजनीतिक संरक्षण में चल रहे ड्रग्स के धंधे को कुचलने के लिए गृह विभाग को विशेष अधिकार दिए गए हैं।
- नक्सलवाद पर वार: मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद अंतिम सांसे ले रहा है; भारी संख्या में आत्मसमर्पण सरकार की पुनर्वास नीति की बड़ी कामयाबी है।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि छत्तीसगढ़ को ‘ड्रग्स फ्री’ बनाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे इन माफियाओं के ‘इकोसिस्टम’ को जड़ से उखाड़ फेंकें, चाहे इसके लिए कितनी भी कड़ी कार्रवाई क्यों न करनी पड़े।
“अफीम की अवैध खेती छत्तीसगढ़ की धरती पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी इस काले धंधे में संलिप्त है, वह सुन ले—हमारी सरकार किसी भी रसूखदार को नहीं बख्शेगी। हम अपनी आने वाली पीढ़ी को ड्रग्स की आग में नहीं झोंकने देंगे।”
— विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

