जगदलपुर/बीजापुर | छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग से मंगलवार को एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। खूंखार नक्सली कमांडर और कई बड़ी वारदातों के मास्टरमाइंड पापाराव उर्फ मंगू ने अपने 18 सक्रिय साथियों के साथ सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। इसे बस्तर में नक्सली नेटवर्क की कमर टूटने के रूप में देखा जा रहा है।
कुटरू थाने में हुआ ‘महा-सरेंडर’
बीजापुर जिले के कुटरू थाना में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान इन सभी नक्सलियों ने जिला पुलिस और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अपने हथियार डाल दिए। आत्मसमर्पण करने वालों में पापाराव के अलावा कई इनामी नक्सली और एलओएस (LOS) सदस्य भी शामिल हैं।
कौन है पापाराव?
पापाराव उर्फ मंगू बस्तर के नक्सली संगठन का एक बड़ा नाम रहा है। वह लंबे समय से बीजापुर और सुकमा के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय था और सुरक्षा बलों पर हुए कई हमलों में उसकी तलाश थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार:
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पापाराव पर लाखों रुपये का इनाम घोषित था।
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वह गुरिल्ला युद्ध रणनीति और आईईडी (IED) प्लांट करने में माहिर माना जाता है।
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उसके आत्मसमर्पण से दक्षिण बस्तर में नक्सली संगठन को बड़ा संगठनात्मक नुकसान हुआ है।
विकास की मुख्यधारा में लौटने का फैसला
आत्मसमर्पण के बाद नक्सलियों ने बताया कि वे संगठन की खोखली विचारधारा और बाहरी नेतृत्व के भेदभाव से तंग आ चुके थे। साथ ही, पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘लोन वर्राटू’ (घर वापस आइये) और ‘पुना नर्कोम’ जैसे अभियानों से प्रभावित होकर उन्होंने समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।

