- बड़ी घोषणा: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गगनदीप सिंह रंधावा सुसाइड केस की CBI जांच कराने का आश्वासन दिया है।
- मंत्री पर आरोप: वेयरहाउस के DM रंधावा ने सुसाइड से पहले ‘आप’ सरकार के मंत्री लालजीत भुल्लर पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे।
- जांच अटकी: शव अमृतसर के अस्पताल में है और 3 दिन बाद भी पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका है।
Amit Shah CBI Inquiry , चंडीगढ़ — पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया है। वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा की खुदकुशी के मामले ने अब राष्ट्रीय मोड़ ले लिया है। पंजाब के चार सांसदों की अमित शाह के साथ हुई मीटिंग के बाद केंद्र सरकार इस मामले को अपने हाथ में लेने की तैयारी में है। परिजनों ने पंजाब पुलिस पर भरोसा करने से साफ इनकार कर दिया है, जिसके चलते जाँच और पोस्टमॉर्टम दोनों रुके हुए हैं।
DCP को बैरंग लौटाया, परिवार ने साक्ष्यों को घेरा
मामले में नया मोड़ तब आया जब पंजाब पुलिस के एक DCP रंधावा का मोबाइल फोन लेने अमृतसर स्थित उनके घर पहुंचे। परिजनों ने पुलिस को फोन सौंपने से मना कर दिया और उन्हें वापस लौटा दिया। परिवार का कहना है कि जब तक केंद्रीय एजेंसियां नहीं आतीं, वे सबूत किसी को नहीं देंगे। रंधावा ने मरने से पहले एक वीडियो भी बनाया था, जो अब इस केस का सबसे बड़ा सबूत बन चुका है।
- पीड़ित: गगनदीप सिंह रंधावा (45), वेयरहाउस डिस्ट्रिक्ट मैनेजर।
- मुख्य आरोपी: कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर (परिजनों के आरोपों के अनुसार)।
- वर्तमान स्थिति: अमृतसर अस्पताल में 3 दिन से रखा है शव।
सांसदों ने गृह मंत्री को बताया कि राज्य सरकार के दबाव में निष्पक्ष जांच मुमकिन नहीं है। अमित शाह ने भरोसा दिलाया है कि जैसे ही औपचारिक पत्र की प्रक्रिया पूरी होगी, वे फाइल CBI को फॉरवर्ड कर देंगे।
“हमने गृह मंत्री को स्थिति की गंभीरता बताई है। एक अधिकारी ने मंत्री का नाम लेकर जान दी है। राज्य पुलिस मोबाइल और सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकती है, इसलिए हमने तुरंत CBI हस्तक्षेप की मांग की है और शाह जी इसके लिए सहमत हैं।”
— पंजाब के सांसदों का साझा बयान

