सैलरी पैकेज के साथ मिलेंगी उन्नत बैंकिंग सुविधाएं
राजधानी रायपुर के डंगनिया स्थित बिजली मुख्यालय में आयोजित एक सादे समारोह में जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक एस.के. कटियार और बैंक ऑफ बड़ौदा के जोनल हेड देवाकर ने अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस नए ‘सैलरी पैकेज’ के तहत कर्मचारियों को केवल बीमा ही नहीं, बल्कि जीरो बैलेंस खाता, मुफ्त डेबिट कार्ड, और कम ब्याज दरों पर ऋण (Loan) जैसी उन्नत सुविधाएं भी मिलेंगी। सोमवार को हुए इस अनुबंध से कर्मचारियों के परिवारों को भविष्य में बड़ी वित्तीय सुरक्षा हासिल होगी।
बीमा कवरेज की बारीकियां: दुर्घटना पर मिलेगा सहारा
इस अनुबंध की सबसे खास बात इसका व्यापक बीमा सुरक्षा कवच है। ड्यूटी के दौरान या सामान्य समय में होने वाली किसी भी अप्रिय दुर्घटना की स्थिति में कर्मचारी के नामांकित परिजनों को 3 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, स्थायी विकलांगता की स्थिति में भी बैंक द्वारा सहायता राशि का प्रावधान रखा गया है। जनरेशन कंपनी के अधिकारियों का मानना है कि इससे पावर प्लांटों में कार्यरत तकनीकी स्टाफ का मनोबल बढ़ेगा, जो अक्सर जोखिम भरे वातावरण में काम करते हैं।
“बिजली कर्मचारी राज्य की रीढ़ हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ यह अनुबंध हमारे 2700 नियमित कर्मियों को न केवल बेहतर बैंकिंग अनुभव देगा, बल्कि उनके परिवार को 3 करोड़ रुपये के बीमा के जरिए एक सुरक्षा कवच भी प्रदान करेगा। होली से पहले यह हमारे साथियों के लिए एक विशेष भेंट है।”
— एस.के. कटियार, प्रबंध निदेशक (MD), छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी
इस फैसले का सीधा असर कोरबा, बिलासपुर (सकरी/मरवाही) और रायपुर के प्लांटों में काम करने वाले परिवारों पर पड़ेगा। बिजली कर्मचारियों के संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है। बैंक ऑफ बड़ौदा अब जल्द ही विभिन्न पावर प्लांटों (जैसे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह, कोरबा) में विशेष कैंप लगाकर कर्मचारियों के सैलरी खातों को नए पैकेज में माइग्रेट करेगा। कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे अपने ‘नॉमिनी’ (Nominee) की जानकारी अपडेट रखें ताकि भविष्य में किसी भी लाभ को प्राप्त करने में कानूनी अड़चन न आए। प्रशासन अब संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए भी इसी तरह के सुरक्षा मॉडल पर विचार कर सकता है।

