बाईपास मार्ग की 4 दुकानों में की थी सेंधमारी
चोरों ने बाईपास मार्ग को अपना निशाना बनाया था। गिरोह ने एक ही रात में साडा अड्डा कैफे समेत आसपास की चार दुकानों के शटर और ताले चटकाए थे। सुबह जब दुकानदार पहुंचे, तो सामान बिखरा हुआ और गल्ला खाली मिला। इसके बाद व्यापारियों में भारी आक्रोश देखा गया। शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की टीम ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे संदिग्धों की पहचान हुई।
नाबालिगों को आगे कर चोरी कराता था मास्टरमाइंड
पकड़े गए मास्टरमाइंड युवक ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस के अनुसार, यह युवक गिरोह का सरगना है जो दो नाबालिगों को लालच देकर चोरी की वारदातों में शामिल करता था। रात के अंधेरे में सुनसान बाईपास का फायदा उठाकर ये दुकानों में दाखिल होते थे। पुलिस ने इनके पास से चोरी किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकदी बरामद की है। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया जारी है।
“बाईपास इलाके में बढ़ती चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए हमने विशेष टीम गठित की थी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी और दो विधि से संघर्षरत बालकों को हिरासत में लिया गया है। शहर की सुरक्षा के लिए गश्त और बढ़ा दी गई है।”
— थाना प्रभारी, कोरबा पुलिस
बाईपास मार्ग पर हुई इन गिरफ्तारियों के बाद स्थानीय व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, व्यावसायिक क्षेत्रों में रात के समय पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग अभी भी की जा रही है। व्यापारियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी दुकानों में नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे और मजबूत इंटरलॉकिंग सिस्टम लगवाएं। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संपर्कों और पुराने रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि अन्य अनसुलझे मामलों का भी पता लगाया जा सके।

