कोरबा। छत्तीसगढ़ के प्रमुख बिजली उत्पादन केंद्रों में शामिल NTPC कोरबा की सात उत्पादन इकाइयों के करीब 36 घंटे से बंद रहने की खबर ने बिजली व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि ब्रेकर टेस्टिंग के दौरान तकनीकी खराबी आने के बाद एक के बाद एक इकाइयों का संचालन प्रभावित हुआ। इसका असर केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बिजली आपूर्ति से जुड़े अन्य राज्यों में भी स्थिति को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
घटना के बाद तकनीकी विशेषज्ञों की टीम खराबी के कारणों की जांच में जुटी हुई है। साथ ही बिजली व्यवस्था में आई इस गंभीर बाधा और संभावित ब्लैकआउट से जुड़े कारणों की भी पड़ताल की जा रही है।
ब्रेकर टेस्टिंग के दौरान आई तकनीकी खराबी
जानकारी के अनुसार, बिजली संयंत्र में ब्रेकर टेस्टिंग के दौरान तकनीकी समस्या सामने आई। इसके बाद NTPC कोरबा की सात इकाइयों का संचालन प्रभावित हो गया। इतनी बड़ी संख्या में उत्पादन इकाइयों के बंद होने से बिजली उत्पादन पर सीधा असर पड़ा।
बिजली संयंत्र के अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी लगातार खराबी को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। उत्पादन इकाइयों को दोबारा शुरू करने से पहले सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है।
36 घंटे से बंद हैं उत्पादन इकाइयां
बताया जा रहा है कि सातों इकाइयां करीब 36 घंटे से बंद हैं। लंबे समय तक उत्पादन बंद रहने के कारण बिजली की उपलब्धता और ग्रिड प्रबंधन को लेकर दबाव बढ़ गया है।
हालांकि बिजली व्यवस्था को बनाए रखने के लिए वैकल्पिक स्रोतों और अन्य उत्पादन केंद्रों से आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों की प्राथमिकता तकनीकी खराबी को जल्द दूर कर प्रभावित इकाइयों को सुरक्षित तरीके से दोबारा शुरू करना है।
छत्तीसगढ़ समेत सात राज्यों में असर की आशंका
NTPC कोरबा देश के महत्वपूर्ण ताप विद्युत संयंत्रों में शामिल है और यहां से बड़ी मात्रा में बिजली विभिन्न क्षेत्रों को उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में सात इकाइयों के बंद होने से छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों की बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
बिजली ग्रिड से जुड़े अधिकारियों द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि आपूर्ति व्यवस्था में बड़ा व्यवधान न आए।
ब्लैकआउट की जांच जारी
घटना के बाद बिजली व्यवस्था में आई बाधा और ब्लैकआउट जैसी स्थिति के कारणों की जांच भी की जा रही है। तकनीकी विशेषज्ञ यह पता लगाने में जुटे हैं कि ब्रेकर टेस्टिंग के दौरान आखिर ऐसी कौन सी खराबी हुई, जिसके कारण एक साथ कई उत्पादन इकाइयों का संचालन प्रभावित हुआ।
जांच में तकनीकी उपकरणों, ब्रेकर सिस्टम और ग्रिड से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

