रायगढ़ । मानसून का मौसम जहां किसानों के लिए राहत लेकर आता है, वहीं यह समय सर्पदंश (सांप काटने) के बढ़ते मामलों की भी चेतावनी देता है। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से जो आंकड़े सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। जनवरी 2023 से जून 2025 तक यानी 911 दिनों में 642 लोगों को सांप ने काटा, जिनमें से 49 लोगों की मौत हो चुकी है। ये आंकड़े मेडिकल कॉलेज अस्पताल, रायगढ़ से मिले हैं।
महिलाओं से ज्यादा पुरुष बने शिकार
सर्पदंश के शिकारों में पुरुषों की संख्या अधिक पाई गई है। कुल मामलों में 402 पुरुष और 240 महिलाएं शामिल हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि पुरुषों का ज्यादा बाहर रहना, खेतों और निर्माण स्थलों पर काम करना इसकी प्रमुख वजह हो सकती है।
सांपों की 21 प्रजातियां, लेकिन अधिकतर बिन जहर वाले
स्नेक कैचर्स के अनुसार, रायगढ़ जिले में करीब 21 प्रजातियों के सांप पाए जाते हैं। इनमें से कुछ अत्यंत जहरीले, कुछ कम जहरीले और कुछ बिलकुल विषहीन होते हैं। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि 80% मामलों में सांप जहरीले नहीं होते, लेकिन समय पर इलाज न मिलने से जटिलताएं बढ़ जाती हैं।

